किसानों के लिए सरकार की नीति पारदर्शी : मुख्यमंत्री
अहमदाबाद (कान्हा नंदनवार)।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कृषि महोत्सव अभियान के तहत किसानों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये वार्तालाप में किसानों से आधुनिक यंत्रों से कृषि उत्पादन बढ़ाने लिए एग्रो टेक्नोलोजी के उपयोग के लिए सरकारी प्रोत्साहक योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। मोदी ने कहा कि खेती में आज खेत मजदूरों का मानवबल पर्याप्त नहीं मिलता। खेत मजदूरी करनेवालों का जीवनस्तर ऊंचा आया है, यह गुजरात के गांवों और आर्थिक प्रवृत्तियों के विकास के कारण हुआ है। ऐसी परिस्थिति में यांत्रिक औजार.साधन और मशीनरी के उपयोग से खेती का खर्च घटेएउत्पादन और आय बढ़े इस दिशा में किसान को सरकार ने प्रोत्साहित किया है। वह पारदर्शिता से यंत्र-मशीनरी खरीदें ऐसी सहायता योजनाएं बनाई गई हैं। खेती के कितने साधन उपलब्ध हैं इसकी जानकारी कृषि महोत्सव में मिलती है। सामुहिक खेती के लिए सरकार मशीनरी.औजारों की खरीद के लिए भारी सहायता देती है। श्री मोदी ने एपीएमसी.किसान सहकारी मंडलियों से इसका लाभ लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने राज्य में भूतकाल में 2001 तक यांत्रिक खेती टेक्नोलोजी का बजट सिर्फ दो करोड़ रुपए था मगर इस बार 285 करोड़ का बजट खेतीएकिसानों के लिए आवंटित किया गया है। पिछले साल किसानों ने 21000 ट्रेक्टर खरीदे हैं। धान में रोपाई के लिए साधनों से 60 महिलाओं का काम एक मशीन कर देती है। नारीशक्ति ऐसी मशीनें चलाने लगी हैं। छोटे-सीमांत किसानों को कस्टम हायरिंग सिस्टम किराए पर मिल सके ऐसी व्यवस्था इस सरकार ने की है। गुजरात सरकार खुद यंत्रों को खरीदकर उसका वितरण नहीं करती मगर किसान को जहां से यंत्र खरीदना हो वहां से खरीद सकता है। लाभार्थी किसानों की सूची वेबसाईट पर सरकार और विक्रेता दोनों के पास होती है। कोई गलत लाभ ले जाए तो सही शिकायतकर्ता को 10000 का ईनाम दिया जाता है और जांच में शिकायत झूठी पाई जाए तो उस पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। मोदी ने कहा कि आईटीआई में भी खेती की टेक्नोलोजी का कोर्स, एग्रो पोलिटेक्निकए एग्रो इंजीनियरिंग कोलेज शुरू करके गुजरात सरकार ने हाईटेक फार्मिंग को बल दिया है। एग्रो टेक्नोलोजी और मशीनरी से 15.20 प्रतिशत लाभ उत्पादन में होता है।
अंगोला में फंसे चार गुजराती मजदूर लौटे
ढोल-नगाड़े बजा कर किया स्वागत
आणंद (नसीम पठान)।
दक्षिण अफ्रीका के अंगोला में फंसे करीब 1200 भारतीय मजदूरों में से 43 स्वदेश लौट आए हैं। इनमें गुजरात के चार मजदूर हैं, जिनका शनिवार को उनके परिजनों ने ढोल-नगाड़े बजा कर स्वागत किया।
सुरक्षित लौटे चार गुजराती मजदूरों में आणंद जिले केपेटलाद का विजय वाल्मीकि भी है, जो गत वर्ष 4 अक्टूबर को वडोदरा के एजेंट की मार्फत चेन्नई की कम्पनी की ओर से अंगोला के शुंबे स्थित सीमेंट फैक्ट्री में मजदूरी के लिए गया था। वहां गुजरात के 40 समेत भारत के करीब 1200 मजदूर काम कर रहे थे। प्रथम चार माह तक नियमित वेतन दिया गया। फरवरी-2012 के बाद उन्हें ओवरटाइम की रकम और वेतन नहीं चुकाया गया, जिसके चलते मजदूरों ने हड़ताल की। भारतीय मजदूरों ने वापस स्वदेश भेजने की मांग को लेकर शुंबे से 17 किलोमीटर दूर स्थित भारतीय दूतावास का रुख किया, तो कम्पनी के संचालकों ने स्थानीय पुलिस बल की मदद से कामगारों पर गोलीबारी करवाई। उन पर अत्याचार किए गए। ये मजदूर लगातार चार दिन तक भूखे-प्यासे जंगलों में घूमते रहे।
शनिवार को घर लौटे पेटलाद के विजय का परिजनों और उसके मोहल्ले वालों ने जोरदार स्वागत किया। विजय ने बताया कि भारतीय मजदूरों की वापसी की तैयारियां चल रही हैं।
विजय ने आरोप लगाया कि अंगोला स्थित भारतीय दूतावास या भारत सरकार ने उनकी कोई मदद नहीं की। अंगोला में पुलिस ने उन्हें निशाना भी बनाया। इसके चिह्न भी दिखाए गए, लेकिन भारतीय दूतावास ने कोई सहायता नहीं की।
एसपी दफ्तर के द्वार पर विषपान
जामनगर (दर्शित सोनी)।
जामनगर में एक युवक ने पत्नी के वियोग में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यालय के द्वार पर विषपान कर आत्महत्या कर ली।
बी डिवीजन पुलिस के अनुसार गुलाबनगर के पास राजपार्क निवासी और ड्राइविंग कार्य करने वाले युसुफ सिद्दीक दरजादा (42) ने गुरुवार रात ग्यारह बजे एसपी दफ्तर जाकर विषपान कर लिया। उसे तुरंत बेहोशी की हालत में जी. जी. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
प्राथमिक जांच में पता चला कि युसुफ ने डेढ़ साल पहले प्रज्ञा नामक हिन्दू युवती से प्रेम विवाह किया था। विवाह मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। बीस दिन पहले उसकी पत्नी उर्फ इशरत को जामनगर का चेतन नामक व्यक्ति उठा ले गया। बीस दिन से पत्नी के लिए परेशान युसुफ एसपी दफ्तर पर फरियाद करने गया था, जहां आवेश में आकर उसने कीटनाशक पी लिया। पुलिस जांच कर रही है।
सीएनजी पंप पर हुआ गैस रिसाव
भरुच। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर भोलाँव के पास स्थित गुजरात गैस कंपनी के सीएनजी पंप पर शुक्रवार की रात साढ़े दस बजे गैस रिसाव होने से कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। गैस फिलिंग करते समय अचानक गैस रिसाव होने लगा। पंप के सुपरवाईजर संजय आदी ने बताया कि कंपे्रसर पर रहने वाले गैस किट पर गैस के बोटल में से दो बोचल की रिंग के खिसक जाने से गैस रिसाव होने लगा। गुजरात गैस कंपनी की रेस्कयू टीम ने आकर गैस रिसाव को रोकने का काम किया।
























